बीआरआईसी-एनआईपीजीआरके वैज्ञानिकों ने रोग संवेदनशील जीन को एडिट करके शीथ ब्लाइट रोग के प्रति सहनशील चावल विकसित किया है।
राइजोक्टोनिया सोलानी नामक एक नेक्रोट्रोफिक कवक रोगजनक के कारण होने वाला शीथ ब्लाइट रोग धान की वार्षिक उपज में 20% […]
ब्रिक-राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान
राइजोक्टोनिया सोलानी नामक एक नेक्रोट्रोफिक कवक रोगजनक के कारण होने वाला शीथ ब्लाइट रोग धान की वार्षिक उपज में 20% […]
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रस्ताव ‘हाई परफॉर्मेंस बायोमैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
24-27 मार्च, 2026 यह कार्यक्रम स्विट्जरलैंड स्थित PLAZI और INSA में CODATA राष्ट्रीय समिति के सहयोग से आयोजित किया जा
हमने AquaaG विकसित किया है, जो विभिन्न जीवों में जीनोम गुणवत्ता मूल्यांकन और एनोटेशन के लिए एक व्यापक, उपयोगकर्ता-अनुकूल पाइपलाइन
कार्यशाला के बारे में इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम)
जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी इंडिया) ने बीआरआईसी-राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान (बीआरआईसी एनआईपीजीआर) के माध्यम से आनंद कृषि विश्वविद्यालय के
गैस क्रोमेटोग्राफी-मास स्पेक्ट्रोमेट्री (GC-MS) का उपयोग करके नमूना तैयार करने से लेकर डेटा प्रोसेसिंग तक विषय पर 5 दिवसीय कार्यशाला काआयोजन
डॉ. मुकेश कुमार मीना (वैज्ञानिक, बीआरआईसी-एनआईपीजीआर) को पादप प्रतिरक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए इंडियन सोसाइटी फॉर